सीटेट की तर्ज पर 20 से 30 प्रतिशत तक आ सकता है स्टेट का परिणाम पिछले सालों में 8 से 10% तक रहा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर अध्यापक पात्रता परीक्षा में भले ही नकल रोकने के पुख्ता प्रबंध किए गए थे, इसके बावजूद परीक्षार्थियों का परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद है। इसका कारण है हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पहली बार बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन टेट परीक्षा के लिए डिटेल सिलेबस दिया गया था। जो अभ्यर्थियों को तैयारी करने में काफी कारगर रहा और इसी का परिणाम है कि इस बार परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों के चेहरे खिले थे। बोर्ड अधिकारी को भी उम्मीद है की डिटेल सिलेबस के कारण इस पर परिणाम दो गुना से तीन गुना तक बढ़ सकता है। परिणाम सीटेट की तर्ज पर 20 से 30% तक आ सकता है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पिछले करीब 15 साल से हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा करवा रहा है। अब तक बोर्ड की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया था की टीजीटी, पीजीटी, पीआरटी की परीक्षाएं किस आधार पर होगी। परीक्षार्थियों को नहीं पता था कि वह क्या तैयारी करें। ऐसे में अधिकतर परीक्षा थी। दसवीं, बारहवीं की पुस्तकों को ही दोबारा पढ़कर तैयारी कर रहे थे। इसके बावजूद परीक्षा में कहीं और से प्रश्न आते। जिसकी परिणाम स्वरुप परिणाम बमुश्किल 8 से 10% तक ही रहता। जबकि सीटेट का परिणाम हर साल औसतन 20 से 30% रहता है। पहली बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अध्यापक पात्रता परीक्षा के तीनों लेवल का डिटेल सिलेबस बोर्ड की वेबसाइट पर दिया। जिसे परीक्षार्थियों स्पष्ट हुआ कि उन्हें तैयारी क्या करनी है। ऐसे में इस बार अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम पड़े सुधार के साथ 20 से 30% तक पहुंच सकता है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर अध्यापक पात्रता परीक्षा में भले ही नकल रोकने के पुख्ता प्रबंध किए गए थे, इसके बावजूद परीक्षार्थियों का परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद है। इसका कारण है हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पहली बार बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन टेट परीक्षा के लिए डिटेल सिलेबस दिया गया था। जो अभ्यर्थियों को तैयारी करने में काफी कारगर रहा और इसी का परिणाम है कि इस बार परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों के चेहरे खिले थे। बोर्ड अधिकारी को भी उम्मीद है की डिटेल सिलेबस के कारण इस पर परिणाम दो गुना से तीन गुना तक बढ़ सकता है। परिणाम सीटेट की तर्ज पर 20 से 30% तक आ सकता है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पिछले करीब 15 साल से हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा करवा रहा है। अब तक बोर्ड की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया था की टीजीटी, पीजीटी, पीआरटी की परीक्षाएं किस आधार पर होगी। परीक्षार्थियों को नहीं पता था कि वह क्या तैयारी करें। ऐसे में अधिकतर परीक्षा थी। दसवीं, बारहवीं की पुस्तकों को ही दोबारा पढ़कर तैयारी कर रहे थे। इसके बावजूद परीक्षा में कहीं और से प्रश्न आते। जिसकी परिणाम स्वरुप परिणाम बमुश्किल 8 से 10% तक ही रहता। जबकि सीटेट का परिणाम हर साल औसतन 20 से 30% रहता है। पहली बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अध्यापक पात्रता परीक्षा के तीनों लेवल का डिटेल सिलेबस बोर्ड की वेबसाइट पर दिया। जिसे परीक्षार्थियों स्पष्ट हुआ कि उन्हें तैयारी क्या करनी है। ऐसे में इस बार अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम पड़े सुधार के साथ 20 से 30% तक पहुंच सकता है।

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